काला लहसुन और सफेद लहसुन क्या होता है ?, उसके लाभ और उनके बीच अंतर ( what is Black & White Garlic and their difference ) नमस्कार दोस्तों एक बार फिर आप सभी पाठको का हमारे इस नए ब्लॉग मे स्वागत है। आज हम इस Blog मे काले लहसुन और सफेद लहसुन के बीच अंतर बताने जा रहा हूं- खेत मे उत्पन्न् ताजा कच्चे लहसुन को 60 से 80 दिनों तक अधिक् तापमान पर किण्वित करके काला लहसुन तैयार किया जाता है. जिसके कारण काला लहसुन, नियमित लहसुन के विपरीत, अब मीठे और खट्टे स्वाद के साथ बनावट में मोमी या चिपचिपा होता है. काला लहसुन अपने अद्वतीय स्वाद और बनावट के कारण हाल ही में सबसे अधिक प्रचारित उत्पादों में से एक है. काला लहसुन एशियाई खाना पकाने में प्रमुख सामग्रियों में से एक है, खासकर जापान और दक्षिण कोरिया में ज्यादा इसका उपयोग किया जाता है।
सेहत के लिए होता है फायदेमंद (Health Benefits of Black Garlic)
सफेद लहसुन में एलिसिन नामक पोषक तत्व होता है, जो काले लहसुन में भी प्रचुर मात्रा में होता है. यह ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाने के साथ-साथ कोलेस्ट्रोल और दिल से जुड़ी बीमारियों के लिए बहुत फायदेमंद होता है. काला लहसुन शरीर की कोशिकाओं को नियंत्रित कर रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है. इसमें एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-वायरल गुण होते हैं. इतना ही नहीं, यह ब्लड शुगर लेवल को बैलेंस करने में हमारी मदद करता है. इसके अलावा, लहसुन में गर्म शक्ति और तीक्ष्ण गुण होते हैं, यह कफ और वात को संतुलित करता है, पित्त को बढ़ाता है. लहसुन में कार्मिनेटिव, कामोद्दीपक और रेचक गुण होते हैं, यह दिल और बालों के लिए एक टॉनिक है. वहीं, सफेद धब्बे, त्वचा रोग, बवासीर, मधुमेह, खांसी, दमा, राइनाइटिस और आंतों के परजीवी के इलाज के लिए लहसुन का उपयोग दवा के रूप में किया जाता है. सर्दी-जुकाम होने पर एक चुटकी हल्दी, काली मिर्च को पानी में लहसुन के पेस्ट के साथ मिलाकर पीने से आराम मिलता है. साइटिक दर्द और हाई बीपी में लहसुन के साथ दूध उबालकर सेवन करने की सलाह दी जाती है.
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